🔴 राहु काल क्या है?

राहु काल (Rahu Kalam) प्रत्येक दिन का एक अशुभ समय-खंड है जिसमें नए कार्यों की शुरुआत वर्जित मानी जाती है। यह सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच की अवधि को 8 बराबर भागों में बाँटकर तय किया जाता है।

राहु काल का क्रम (वार के अनुसार)

वारराहु काल (भाग)
सोमवारदूसरा भाग (सुबह)
मंगलवारसातवाँ भाग
बुधवारपाँचवाँ भाग
गुरुवारछठा भाग
शुक्रवारचौथा भाग
शनिवारतीसरा भाग
रविवारआठवाँ भाग (शाम)

राहु काल में क्या नहीं करें

  • विवाह, सगाई या अन्य शुभ संस्कार
  • नई दुकान, व्यवसाय या यात्रा की शुरुआत
  • महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर
  • घर खरीदना या बेचना

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या राहु काल में पूजा कर सकते हैं?
नियमित पूजा-पाठ राहु काल में जारी रख सकते हैं, लेकिन नए शुभ कार्य नहीं शुरू करने चाहिए।
राहु काल कितने समय का होता है?
राहु काल सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय का एक-आठवाँ हिस्सा होता है — लगभग डेढ़ घंटे।
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