📖 पंचांग क्या है?
पंचांग हिंदू ज्योतिष का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है जो प्रतिदिन पाँच प्रमुख खगोलीय तत्वों की जानकारी देता है। "पंचांग" शब्द दो शब्दों से बना है — "पंच" (पाँच) और "अंग" (भाग)।
पंचांग के पाँच अंग
- तिथि — चंद्र दिवस (30 तिथियाँ प्रति माह)
- वार — सप्ताह का दिन (7 वार)
- नक्षत्र — चंद्रमा की 27 स्थितियाँ
- योग — सूर्य-चंद्र कोण का योग (27 योग)
- करण — तिथि का आधा भाग (11 करण)
पंचांग का उपयोग
पंचांग का उपयोग व्रत, त्योहार, मुहूर्त और शुभ कार्यों के लिए किया जाता है। विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण और अन्य संस्कारों के लिए शुभ मुहूर्त पंचांग से ही निकाला जाता है।
दो प्रकार के पंचांग
- वाक्य पंचांग — प्राचीन पारंपरिक गणना पद्धति, दक्षिण भारत में प्रचलित।
- ड्रिक पंचांग — आधुनिक खगोलशास्त्र पर आधारित, अधिक सटीक।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पंचांग कौन देखता है?
पंडित, ज्योतिषी और पारंपरिक परिवार मुहूर्त और व्रत के लिए पंचांग देखते हैं।
डिजिटल पंचांग कितना सटीक है?
HindiPanchang.com पर ड्रिक पद्धति और लहरी अयनांश का उपयोग करके सटीक गणना की जाती है।